Description
- सभी प्रकार के दर्द में इस तेल की मालिश करने से आराम मिलता है |
- बुखार के कारण शरीर में आयी
कमजोरी एवं कृशता में इस तेल की मालिश से जल्द ही आराम मिलता है |
- आरोग्यमाया अल्टीमेट पैन रिलीफ़
तेल की मालिश से शरीर में बल की वृद्धि होती है |
- Light
massage with this oil is very effective in relieving joint pain.
- Massage
of ArogyaMaya Pain Relief Oil oil relieves debility and weakness due to
fever.
- Massage
of ArogyaMaya Pain Relief oil increases the strength of the body.
आरोग्यमाया अल्टीमेट पैन रिलीफ़ तेल सूजन आदि रोगों में अत्यंत
लाभदायक |

Key Ingredients
सरसों का तेल (Mustard oil):
सरसों का तेल (Mustard
oil) अपने सूजनरोधी (anti-inflammatory) और गर्म गुणों के
कारण जोड़ों, मांसपेशियों और पीठ
के दर्द से राहत दिलाने के लिए एक बेहतरीन प्राकृतिक उपाय है। इसे हल्का गर्म करके मालिश करने से रक्त संचार बढ़ता है और
दर्द में तुरंत आराम मिलता है।

पुदीना / Mint:
• पुदीना के पत्ते सभी प्रकार के
दर्द जैसे मांसपेशियों में दर्द, सिर दर्द और पेट दर्द की पीड़ा को कम कर सकते है |
* Mint
leaves can reduce all types of pain such as muscle aches, headaches and stomach
ache.

नीलगिरी / Eucalyptus:
• नीलगिरी के तेल में
एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो त्वचा के हर संक्रमण को दूर करते हैं |
• यह आपको मुलायम एवं दागरहित त्वचा
प्रदान करता है | और जलन में आराम देता है |
• यह मांसपेशियों का दर्द दूर करने
के साथ ही त्वचा को सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों से सुरक्षा प्रदान करता है
|
*
Eucalyptus oil has anti-bacterial properties, which removes skin infections.
* It
gives you soft and smooth skin.
*
Applying this oil provides relief in burning sensation.
* It
removes muscle pain and protects the skin from the harmful ultraviolet rays of
the sun.

लौंग तेल / Clove oil:
• क्लोव ऑयल यानि लौंग के तेल में
मौजूद फ्लेवेनॉयड्स माइग्रेन, सिरदर्द, तनाव और सूजन को कम करते हैं।
• सूजन और चोट लगने पर होने वाले दर्द को कम करने के लिए लौंग के
तेल से मालिश करनी चाहिए।
* The
flavonoids present in clove oil reduce migraine, headache, tension and
inflammation.
* It also
reduces swelling and pain due to injury.

गुग्गुल / Guggul:
• ऑर्थराइटिस (Arthritis)
ऑर्थो ortho रोगों हेतु चमत्कारी है गुग्गुल|
* Guggul
is miraculous for arthritis and joint diseases.

सोंठ / Dried
ginger:
• सोंठ संधिशूल (जोड़ों का दर्द), सूजन आदि रोगों में अत्यंत
लाभदायक है ।
• इससे कमर दर्द, कंधे का दर्द, घुटने का दर्द एवं पीठ दर्द दूर
हो जाता है ।
• गठिया, जोड़ों का दर्द, जोड़ों की सूजन आदि की रामबाण औषधि
है ।
• इसके सेवन से गठिया एवं जोड़ों की
सूजन से मुक्ति मिलती है ।
*
Extremely beneficial in diseases like dry gout (joint pain), inflammation etc.
* It
relives shoulder pain, knee pain and back pain.
* This
medicine is very effective for arthritis, joint pain, swelling of joints etc.

निर्गुण्डी / Nirgundi:
• निर्गुण्डी एक बहुत ही गुणी औषधि
है जो कफ और वात को नष्ट करता है और दर्द को कम करता है ।
• इसको त्वचा के ऊपर लगाने से सूजन
कम होती है ।
•
जोड़ों के
दर्द में निर्गुंडी बहुत फायदेमंद होता है |
*
Nirgundi is a very good medicine which eliminates Kapha and Vata and reduces
pain.
*
Applying it on the skin reduces inflammation.
*
Nirgundi is highly beneficial in joint pain

तिल का तेल / Sesame
oil:
• तिल के तेल में जस्ता और तांबा
होता है जो अस्थि खनिज घनत्व को बेहतर बनाने में मदद करता है, और सूजनरोधी गुणों को प्रदर्शित
करता है। यह गठिया से संबंधित दर्द और सूजन को कम करता है।
* तिल के तेल में कुछ मोनोसैचुरेटेड
वसा के साथ-साथ ओमेगा -3 फैटी एसिड
भी होते हैं, जो हमारी
हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए विशेष रूप से अच्छे होते हैं।
* Sesame oil contains zinc and
copper that helps improve the bone mineral density, and exhibits significant
anti-inflammatory properties.

कपूर / Camphor :
• कपूर एफडीए द्वारा अनुमोदित
एनाल्जेसिक और संवेदनाहारी घटक है, जिसका उपयोग दर्द को दूर करने के
लिए किया जाता है|
* Camphor
is an FDA-approved topical analgesic and anesthetic used to relieve pain.

How to Use
उपयोग करने की विधि (How to Use):
आरोग्यमाया दर्द निवारक तेल (ArogyaMaya Ultimate
Pain Relief Oil) का उपयोग करने का
सही तरीका नीचे दिया गया है:
- प्रभावित क्षेत्र को साफ करें: सबसे पहले जहाँ दर्द हो रहा है, उस जगह को गुनगुने पानी से साफ कर लें और सुखा लें।
- तेल लगाएं: हथेली में थोड़ा
सा तेल लें या सीधे दर्द वाली जगह पर कुछ बूंदें डालें।
- हल्की मालिश करें: अपनी उंगलियों
से हल्के हाथों से गोलाकार (circular motion) में मालिश करें।
मालिश तब तक करें जब तक तेल त्वचा में पूरी तरह समा न जाए।
- सिकाई करें (वैकल्पिक): बेहतर परिणाम के लिए, तेल लगाने के बाद उस जगह को किसी
कपड़े से ढक लें या हल्के गर्म तौलिये से सिकाई करें।
- दिन में दो बार: अच्छे परिणाम के
लिए इसे दिन में 2 से 3
बार, विशेषकर रात को सोने से पहले
लगाएं।
सावधानी:
इस तेल का उपयोग घाव, या चोट जो खुल चुकी
है खून बह रह है वहाँ न करें,
Benefits
लाभ:
- यह घुटनों के दर्द, पीठ दर्द, कंधों की जकड़न, और गर्दन के दर्द (Spondylitis) के लिए अत्यधिक प्रभावी है।
- इसमें मौजूद जड़ी-बूटियाँ
सूजन और जकड़न को कम करने में मदद करती हैं।
- यह तेल त्वचा में गहराई तक
समा जाता है और मांसपेशियों व जोड़ों के दर्द से तुरंत राहत दिलाता है।
- कमर दर्द, घुटनों के दर्द, मांसपेशियों के दर्द, पीठ दर्द, या किसी अन्य प्रकार के
मांसपेशियों के दर्द मे लाभकारी है|
Recommended
बेहतर समझ और पहुंच (Better Accessibility)
आयुर्वेदिक उत्पाद जैसे ArogyaMaya Ultimate Pain Relife oil अक्सर भारतीय घरों में बहुत लोकप्रिय होते हैं। भारत में एक बड़ा
वर्ग ऐसा है जो अंग्रेजी दवाओं के बजे देशी इलाज की ज्यादा तरजीह देता है।
आयुर्वेद से बड़ी बड़ी बीमारी को ठीक आसानी के ठीक किया जा सकता है, इसीलिए हमारे देश मे
अब प्राचीन चिकित्सा पद्धति को अपनाया जा रहा है, अंग्रेजी दवाई से दूरी बना रहे है, देशी इलाज और प्राचीन
घरेलू नुस्खे से तमाम बीमारियों का इलाज संभव है, पुराने से पुराने दर्द को भी आसानी से
देशी इलाज से ठीक किया जा रहा है|
गलत उपयोग से बचाव (Safety First)
अगर कोई निर्देश समझ नहीं आता, तो व्यक्ति तेल का गलत इस्तेमाल कर सकता
है (जैसे घाव पर लगा लेना या जरूरत से ज्यादा मालिश करना)। हिंदी में जानकारी होने
से ग्राहक यह स्पष्ट रूप से समझ पाता है कि:
- तेल को 2
से 3 बार ही लगाना इससे ज्यादा नहीं।
- मालिश हल्के हाथ से ही करनी है, या रगड़कर नहीं।
- किन जगहों पर नहीं लगाना है (जैसे आंखें या कटे हुए
हिस्से)।
आयुर्वेद और संस्कृति का जुड़ाव (Cultural Connection)
चूँकि आपके उत्पादों में निर्गुंडी, शल्लकी और हल्दी, सरसों जैसे पारंपरिक भारतीय तत्व हैं, आयुर्वेद और भारतीय संस्कृति का अटूट संबंध है, जहाँ यह केवल चिकित्सा नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक समग्र कला (Lifestyle) है। हज़ारों वर्षों से, यह वैदिक परंपरा (अथर्ववेद), दर्शन और दैनिक जीवनशैली का अभिन्न अंग रहा है, जो शरीर, मन और आत्मा के संतुलन पर जोर देता है।
बुजुर्गों के लिए आसानी (Convenience for Elderly)
जोड़ों और बदन दर्द की समस्या अक्सर
बुजुर्गों को अधिक होती है। इसलिए पौष्टिक आहार, नियमित अभ्यंग (तेल
मालिश), हल्के योग-प्राणायाम, और अश्वगंधा/आंवला जैसी जड़ी बूटियों
के माध्यम से उनकी जीवन शैली को आसान और दर्द रहित बनाया जा सकता है। ताजे भोजन और व्यक्तिगत आयुर्वेदिक देखभाल से जोड़ों के दर्द में
सुधार होता है|